पहलादिन‘डिवोशन’कृष्णकेप्रतिभक्तिकोसमर्पितहोगा।देश-विदेशमेंकृष्णभक्तिकेविभिन्नरूपोंतथालोकप्रियभजनोंऔरकीर्तनोंकोभव्यम्यूजिकलफॉर्ममेंप्रस्तुतकियाजाएगा।इसदिनकच्छकेप्रसिद्धकलाकारनंदलालछांगाअपनीप्रस्तुतिदेंगे।
दूसरेदिनकीथीम‘एंचेंटमेंट’होगी, जोकृष्णसेजुड़ेनिःस्वार्थप्रेमकोसमर्पितरहेगी।राधा-कृष्णकाप्रेम, मीराकीभक्ति, यशोदामाताकास्नेहऔरभक्तोंकाकृष्णकेप्रतिप्रेमजैसेभावोंकोसंगीतऔरपरफॉर्मेंसकेमाध्यमसेप्रस्तुतकियाजाएगा।इसदिनसूरतकेजाने-मानेफोकआर्टिस्टऋषभशुक्लातथाउत्तरभारतकेलोकप्रियगायकऔरबॉलीवुडमेंप्लेबैककरचुकेगुराशिषसिंहविशेषप्रस्तुतिदेंगे।
तीसरेदिनकीथीम‘सेलिब्रेशन’होगी।कृष्णकेजीवनसेमिलनेवालेसंदेशकेआधारपरसुखहोयादुख, हरपरिस्थितिकोस्वीकारकरतेहुएजीवनकोपूरीतरहजीनेकेविचारकोकेंद्रमेंरखाजाएगा।इसदिनमथुराका‘सनातनसंकीर्तन’ बैंडविशेषप्रस्तुतिदेगा।इसकेसाथहीपहलीबारइसतरहकेलाइवकार्यक्रममें‘फूलोंकीहोली’काविशेषअनुभवभीकरायाजाएगा।
150 फीटकेमंचपर ‘नईपीढ़ीकीकृष्णभक्ति’
कृष्णोत्सवकीसबसेबड़ीविशेषतायहहोगीकियहांपारंपरिकभक्तिकोनईपीढ़ीकीभाषामेंप्रस्तुतकियाजाएगा।खासतौरपरजेनरेशनजेडकोध्यानमेंरखतेहुएइमर्सिवतकनीक, आधुनिकसाउंड, लाइटिंगऔरलाइवपरफॉर्मेंसकाइस्तेमालकियाजाएगा।इसकेलिए150 फीटकाविशालमंचतैयारकियाजारहाहै।करीब25 डांसपरफॉर्मरलाइवक्यूरेटेडपरफॉर्मेंसप्रस्तुतकरेंगे।तीनोंदिनोंकेपूरेकार्यक्रमकासंचालनसेलिब्रिटीहोस्ट, पॉडकास्टरऔरस्टोरीटेलरजयथाडेश्वरकरेंगे।वहलाइवनैरेशनकेमाध्यमसेकार्यक्रमकोआगेबढ़ाएंगे।
आयोजकोंकामाननाहैकिकृष्णकेजीवनसेजुड़ीपारंपरिककथाओंकोकेवलदिखानेकेबजायउनकेजीवनसेमिलनेवालेप्रेम, सौहार्द, आनंदऔरजीवनकोपूरीतरहजीनेकेसंदेशकोसंगीतऔरतकनीकसेजोड़नेपरनईपीढ़ीकृष्णसेअधिकआसानीसेजुड़सकेगी।
जन्माष्टमीपरसूरतबनेगा ‘वृंदावनधाम’
29 से 31 अगस्ततकप्रतिदिनरात 8:30 बजेसे 11 बजेतककार्यक्रमआयोजितकियाजाएगा।आयोजकोंकेअनुसार, प्रतिदिनलगभग1,500 लोगशामिलहोंगेऔरतीनदिनोंमेंकुललगभग5,000 लोगइसउत्सवकाहिस्साबनेंगे।
आयोजकपर्वपरमारनेकहा, “कृष्णकेजीवनऔरउनकेसंदेशकोआजकीपीढ़ीतकपहुंचानेकेलिएयहपूरीपरिकल्पनातैयारकीगईहै।हमाराप्रयासहैकिसूरतमेंहीलोगोंकोवृंदावनऔरमथुराजैसीआध्यात्मिकअनुभूतिमिलसके।भक्तिकोकेवलपरंपरातकसीमितरखनेकेबजायनईपीढ़ीसेजुड़नेवालीआधुनिकप्रस्तुतिकेमाध्यमसेभीअनुभवकियाजासकताहै, यहीकृष्णोत्सवकामुख्यउद्देश्यहै।”
आयोजकोंनेबतायाकिजन्माष्टमीकेतीनोंदिनोंमेंसूरतकृष्णमयऔरगोकुलमयहोजाएतथालोगोंकोसूरतसेबाहरगएबिनावृंदावन-मथुराजैसीभक्तिऔरउत्सवकीअनुभूतिमिले, इसीउद्देश्यसेइसअनूठेकृष्णोत्सवकीपरिकल्पनाकीगईहै।