कार्यक्रमकीशुरुआतगुरुपरंपराकेप्रतिश्रद्धाअर्पितकरनेकेसाथहुई।इसकेबादपरमवंदनीया श्रीमतीभगवतीदेवीशर्मा (माताजी) केजीवन, व्यक्तित्वऔरसमाजनिर्माणमेंउनकेयोगदानपरआधारितएकप्रेरणादायीडॉक्यूमेंट्रीकाप्रदर्शनकियागया।फिल्मकेमाध्यमसेउपस्थितलोगोंकोमाताजीकेत्याग, सेवा, आध्यात्मिकसाधनाऔरमहिलाजागरणकेलिएकिएगएकार्योंसेपरिचितकरायागया।कार्यक्रममेंमौजूदलोगोंनेइसेभावपूर्णऔरप्रेरकप्रस्तुतिबताया।
सांस्कृतिकप्रस्तुतियोंनेकार्यक्रमकोऔरअधिकआकर्षकबनादिया।पार्श्वगायिका ईशिताविश्वकर्मा नेप्रज्ञागीतोंऔरभजनोंकीप्रस्तुतिदेकरपूरेसभागारकोभक्तिमयवातावरणमेंसराबोरकरदिया।उनकीप्रस्तुतियोंकेदौरानश्रद्धालुभावविभोरदिखाईदिए।संगीतकेमाध्यमसेगुरुपरंपरा, राष्ट्रनिर्माणऔरमानवीयमूल्योंकासंदेशदियागया।
इसअवसरपरगायत्रीपरिवारकेबच्चोंने नशामुक्तिएवंव्यसनउन्मूलन विषयपरएकप्रभावशालीलघुनाटकप्रस्तुतकिया।नाटकमेंयुवाओंकोनशेकीबढ़तीप्रवृत्तिसेदूररहनेऔरस्वस्थजीवनशैलीअपनानेकासंदेशदियागया।बालकलाकारोंकेअभिनयकोदर्शकोंनेखूबसराहा।इसकेअलावाबालसंस्कारशालाकेबच्चोंनेगुरुवंदनाऔरसांस्कृतिकप्रस्तुतियोंकेमाध्यमसेभारतीयसंस्कृति, गुरु-शिष्यपरंपराऔरनैतिकमूल्योंकासंदेशदिया।
दीपप्रज्ज्वलनकेबादअपनेमुख्यउद्बोधनमें श्रीमतीशैफालीपंड्या नेकहाकिगुरुपूर्णिमाकेवलधार्मिकअनुष्ठानकापर्वनहींहै, बल्किआत्मचिंतन, आत्मानुशासन, आत्मविश्लेषणऔरज्ञानकेप्रतिसमर्पणकाअवसरभीहै।उन्होंनेकहाकिभारतीयसंस्कृतिमेंगुरुकोअज्ञानसेज्ञानकीओरलेजानेवालाप्रकाश-स्तंभमानागयाहै।गुरुकेबताएमार्गपरचलकरहीव्यक्तिअपनेजीवनकोसार्थकबनासकताहै।
उन्होंनेकहाकिव्यासपूर्णिमाकेइसशुभअवसरपरहमेंउनमहापुरुषोंकेप्रतिकृतज्ञताव्यक्तकरनीचाहिएजिन्होंनेअपनेतप, त्यागऔरसाधनासेसमाजकोनईदिशादी।गुरुकासम्मानकेवलशब्दोंसेनहीं, बल्किउनकेआदर्शोंकोअपनेजीवनमेंउतारकरकियाजासकताहै।उन्होंनेयुवाओंसेआह्वानकियाकिवेआध्यात्मिकमूल्योंऔरनैतिकसिद्धांतोंकोअपनाकरसमाजऔरराष्ट्रनिर्माणमेंअपनीसक्रियभूमिकानिभाएं।
अपनेसंबोधनमेंउन्होंने परमवंदनीयाभगवतीदेवीशर्मा (माताजी) केयोगदानकाउल्लेखकरतेहुएकहाकिलगभगचारदशकपहलेउन्होंनेनारीजागरणऔरमहिलासशक्तिकरणकाजोअभियानप्रारंभकियाथा, वहआजएकव्यापकसामाजिकआंदोलनकारूपलेचुकाहै।उसीप्रेरणाकोआगेबढ़ातेहुएअखिलविश्वगायत्रीपरिवारवर्ष 2026 को‘नारीसशक्तिकरणवर्ष’ केरूपमेंमनारहाहै।इसअभियानकेतहतदेशऔरविदेशमेंमहिलाओंकेनेतृत्वविकास, परिवारनिर्माण, सामाजिकजागरूकताऔरसांस्कृतिकमूल्योंकेसंरक्षणसेजुड़ेअनेककार्यक्रमआयोजितकिएजारहेहैं।
उन्होंनेकहाकिसमाजकेसमग्रविकासमेंमहिलाओंकीभूमिकाअत्यंतमहत्वपूर्णहै।यदिपरिवारकीमहिलाएंशिक्षित, संस्कारितऔरआत्मनिर्भरहोंतोपूरासमाजसशक्तबनताहै।गायत्रीपरिवारइसीसोचकेसाथमहिलाजागरणऔरसामाजिकपरिवर्तनकेविभिन्नअभियानोंकोनिरंतरआगेबढ़ारहाहै।
कार्यक्रमकेसमापनसत्रमेंबोरीवलीएवंदहिसरक्षेत्रकीविधायक श्रीमतीमनीषाताई नेगायत्रीपरिवारद्वारावर्षोंसेकिएजारहेसामाजिकऔरसांस्कृतिककार्योंकीसराहनाकी।उन्होंनेकहाकिसंगठनव्यक्तिनिर्माण, परिवारनिर्माणऔरनैतिकमूल्योंकेसंरक्षणकेक्षेत्रमेंउल्लेखनीययोगदानदेरहाहै।उन्होंनेकहाकिआजकेदौरमेंऐसेप्रयाससमाजकोसकारात्मकदिशादेनेमेंमहत्वपूर्णभूमिकानिभातेहैं।
उन्होंनेअपनेसंबोधनमेंगायत्रीमंत्रकीमहत्तापरभीप्रकाशडालतेहुएकहाकिइसकानियमितजपव्यक्तिकोमानसिकशांति, आध्यात्मिकऊर्जाऔरसकारात्मकसोचप्रदानकरताहै।उनकेअनुसार, भारतीयसंस्कृतिकेमूल्योंकोनईपीढ़ीतकपहुंचानेकेलिएइसप्रकारकेआयोजनसमयकीआवश्यकताहैं।
कार्यक्रमकेदौरानउपस्थितश्रद्धालुओंनेगुरुपरंपराकेप्रतिअपनीआस्थाव्यक्तकीऔरसामाजिकसमरसता, संस्कारनिर्माणतथासकारात्मकजीवनमूल्योंकोअपनानेकासंकल्पलिया।आयोजनस्थलपरअनुशासन, सेवाऔरसामूहिकसहभागिताकावातावरणदेखनेकोमिला।विभिन्नआयुवर्गकेलोगोंकीसक्रियभागीदारीनेकार्यक्रमकोविशेषबनादिया।
आयोजकोंकेअनुसार, गुरुपूर्णिमाकेवलधार्मिकआयोजननहींबल्किसमाजमेंनैतिकता, सेवा, सद्भावऔरआत्मविकासकीभावनाकोमजबूतकरनेकामाध्यमहै।गायत्रीपरिवारदेशभरमेंसमय-समयपरशिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरणसंरक्षण, नशामुक्ति, महिलासशक्तिकरणऔरयुवाजागरणजैसेविषयोंपरजनजागरणअभियानचलातारहाहै।‘महाशक्तिकीलोकयात्रा’भीइसीव्यापकसामाजिकऔरसांस्कृतिकअभियानकाहिस्साहै, जिसकाउद्देश्यसमाजमेंसकारात्मकपरिवर्तनलानाऔरभारतीयसांस्कृतिकमूल्योंकोनईपीढ़ीतकपहुंचानाहै।
कार्यक्रमकेअंतमेंसभीउपस्थितश्रद्धालुओंनेगुरुपरंपराकेआदर्शोंकाअनुसरणकरने, समाजसेवामेंसक्रियभागीदारीनिभानेऔरनशामुक्त, संस्कारिततथासशक्तभारतकेनिर्माणमेंयोगदानदेनेकासंकल्पलिया।हजारोंलोगोंकीउपस्थितिऔरउत्साहपूर्णसहभागितानेइसआयोजनकोगुरुपूर्णिमाकेअवसरपरमुंबईकेप्रमुखआध्यात्मिकएवंसामाजिकआयोजनोंमेंशामिलकरदिया।