इन कैंप के माध्यम से 6781 लोगों का पंजीयन किया गया,
जिनमे कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण के लिए 2836 लोगों को चिन्हित किया गया है
और 921 को कैलिपर्स प्रदान किए गए हैं। नारायण सेवा संस्थान गरीब और
दिव्यांग वर्ग के उत्थान को समर्पित हैं और भारत के साथ साथ नेपाल,
पाकिस्तान, बांग्लादेश, यूक्रेन, यूके, यूएसए आदि देशों में कैंप के माध्यम
से सहयोग प्रदान कर रही है।
”कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण और सर्जरी के
माध्यम से हम दिव्यांग जनों को एक बेहतर भविष्य देने का प्रयास कर रहे हैं ।
इनमे बड़ी संख्या उन लोगों की है जो धन या जागरूकता के अभाव उपचार नही पा
सके। नारायण सेवा संस्थान ऐसे आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से कमजोर वर्ग की
सहायता में निरंतर कार्य कर रहा है।
कोरोना काल में भी इन्हे आवश्यक समाधान
मिल सके इसके लिए कोविड सुरक्षा नियमो का ध्यान रखते हुए विभिन्न शहरों
में कैंप आयोजित किए जा रहे हैं," श्री प्रशांत अग्रवाल, अध्यक्ष नारायण
सेवा संस्थान।
उन्होंने बताया के 2021 में अब तक 2836 लोगों को कृत्रिम
अंग प्रत्यारोपण के लिए और 749 को सर्जरी के लिए चिन्हित किया गया है।
आगामी दिनों में इन कार्यों में और तेजी लाई जाएगी । वर्ष 1997 में स्थापना
के बाद से नारायण सेवा संस्थान द्वारा अपने अब तक 427350 दिव्यांगोजनों को
सशक्त किया गया है।
वर्ष 2017 से संस्थान करेक्टिव सर्जरी के माध्यम से
61026 जन्मजात दिव्यांगो की सहायता कर चुका है। आगामी दिनों में संस्थान इस
सेवा प्रक्रिया में और वृद्धि के लिए प्रयासरत है । संस्थान द्वारा
करेक्टिव सर्जरी की संख्या में 15 प्रतिशत, और कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण में
25 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि की जा रही है। आगामी पांच वर्षो में संस्थान
द्वारा 1,40,000 सर्जरी किए जाने का लक्ष्य है