पारूल विश्वविद्यालय, गोवा में परंपरा और एकजुटता के साथ मनाया गया सांस्कृतिक नवरात्रि उत्सव
पणजी (गोवा) : एक कैंपस में होनेवाली संस्कृति की समृद्धि को दर्शाते हुए पारूल विश्वविद्यालय, गोवा में इस वर्ष नवरात्रि उत्सव मनाया गया| इसमें...



पणजी (गोवा) : एक कैंपस में होनेवाली संस्कृति की समृद्धि को दर्शाते हुए पारूलविश्वविद्यालय, गोवा में इस वर्ष नवरात्रि उत्सव मनाया गया| इसमें रंगीन गरबा की उल्हासभरी शाम के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ की गईं तथा इस उत्सव के पव में 1000 से अधिक छात्रों ने सहभाग लिया| संस्कृति में भिन्नता के साथ एकजुटता दर्शानेवाले नवरंग संस्कृतियों को सम्मानित करते हैं और इस कारण से नवरात्रि सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का उमंग, संगीत और नृत्य् से भरपूर एक पर्व बन गया| इस उत्सव में नवरंग की थीम केन्द्र स्थान पर रही और लोगों को जोड़नेवाली भारत की सम्पन्न संस्कृति और परंपराओं को इसमें दर्शाया गया| हर रंग का अपना एक अर्थ है और इसके द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक अभिव्यक्ति दर्शायी जाती है| साथ ही, अपने विशिष्ट नृत्य के साथ गरबा इस उत्सव के उमंग, ख़ुशी एवम् उल्हास को दर्शाता है|
आदरणीय मंत्री एवम् काणकोण क्षेत्र के विधायक डॉ. रमेश बी. तवाडकर ने इस समारोह में अपनी उपस्थिति दी तथा गरबा रास में सहभाग ले कर लोगों का उत्साह भी बढ़ाया| इस समारोह में कई संस्कृतियों का संगम देखने को मिला जो कि नवरात्रि का वास्तविक अर्थ भी है| उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए डॉ. तवाडकर ने कहा, “नवरात्रि जैसा उत्सव भारत की सांस्कृतिक विविधता तथा सभी पीढ़ियों को साथ जोड़नेवाली परंपरा दर्शाता है| नवरंग जैसे उमंगभरे पर्व से हम इस परंपरा को जीवित रखते हैं तथा लोक संगीत, परंपरागत नृत्य और समान संस्कृति की नीव के साथ लोगों को इकठ्ठा लाते हैं| ऐसे उल्हास और अभिमान के साथ युवा हमारी सांस्कृतिक विरासत को अपनाते हुए देख कर बहुत ख़ुशी होती है|”












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