एक उज्ज्वल करियर सुनिश्चित करने के लिए कम उम्र में इंटर्नशिप की नींव रखना समय की मांग- अतुल मलिकराम, फाउंडर, पीआर 24x7
विगत वर्षों में यह देखने में आया है कि एम्प्लॉयमेंट के अधिकतम अवसरों की निर्भरता कहीं न कहीं हाई एजुकेशन और नॉलेज की ओर बढ़ी है। इस प्रकार, ग्रेजुएट्स की संख्या में वृद्धि के साथ ही कॉम्पिटिशन ने भी रफ्तार पकड़ी है। छात्रों के लिए यह जानना बेहद जरुरी हो गया है कि वे जॉब संबंधी स्कि
विगत वर्षों में यह देखने में आया है कि एम्प्लॉयमेंट के अधिकतम अवसरों की निर्भरता कहीं न कहीं हाई एजुकेशन और नॉलेज की ओर बढ़ी है। इस प्रकार, ग्रेजुएट्स की संख्या में वृद्धि के साथ ही कॉम्पिटिशन ने भी रफ्तार पकड़ी है।
छात्रों के लिए यह जानना बेहद जरुरी हो गया है कि वे जॉब संबंधी
स्किल्स में कैसे सुधार करें। तथ्य यह है कि ग्रेजुएशन के दौरान या इसके
बाद छात्रों को इंटर्नशिप आदि का हिस्सा बनते देखा जाता है। लेकिन मौजूदा
समय के कॉम्पिटिशन को देखते हुए, बेहतर करियर सुनिश्चित करने के उद्देश्य
से छात्रों के लिए माध्यमिक कक्षाओं के दौरान या उससे पहले से ही इंटर्नशिप
की नींव रखना अब समय की मांग है। इससे न केवल उन्हें अपने लक्ष्य की पहचान
करने में मदद मिलेगी, बल्कि उनमें स्किल्स भी तेजी से विकसित होंगी।
अब
बेहतर एजुकेशन देने का दायित्व महज़ टीचर्स पर ही नहीं है, कॉर्पोरेट्स की
बढ़ती जिम्मेदारियाँ और प्रयास भी इस क्षेत्र में तब्दील होते दिखाई पड़ रहे
हैं। "प्रैक्टिकल नॉलेज, एम्प्लॉयमेंट रुपी मंजिल को आसान राह प्रदान करता
है।"