मिथिला की सांस्कृतिक चेतना को वैश्विक मंच दिलाने में विक्रम आचार्य के अथक प्रयास
स्कॉटलैंड की वादियों में मिथिला की गूँजएडिनबर्ग, मई 21: स्कॉटलैंड की राजधानी एडिनबर्ग की पथरीली सड़कों पर जहाँ यूरोपीय इतिहास की सदियाँ साँस...
स्कॉटलैंड की वादियों में मिथिला की गूँज
एडिनबर्ग, मई 21: स्कॉटलैंड की राजधानी एडिनबर्ग की पथरीली सड़कों पर जहाँ यूरोपीय इतिहास की सदियाँ साँस लेती हैं, वहीं हज़ारों मील दूर बसे भारत के मिथिला क्षेत्र की प्राचीन चेतना भी अब एक नए सांस्कृतिक नेतृत्व के तहत गूँजने लगी है। प्रवासी मैथिल समुदाय के चर्चित सांस्कृतिक दूत विक्रम आचार्य के अभूतपूर्व प्रयासों ने ‘मिथिला प्राइड’ को स्कॉटलैंड की धरती पर एक ऐतिहासिक पुनर्जागरण दे दिया है। उनके नेतृत्व में यह आंदोलन अब सिर्फ एडिनबर्ग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे यूके और वैश्विक भारतीय डायस्पोरा में फैल चुका है।
विक्रम आचार्य, जो खुद को ‘कर्मभूमि एडिनबर्ग और मर्मभूमि मिथिला’ का सेतु कहते हैं, ने इस दिशा में अदम्य लगन, सांस्कृतिक समर्पण और अथक संघर्ष से एक मिसाल कायम की है। उनका कहना है: