निवारक चिकित्सा को बढ़ावा देने में अग्रणी बना जोगी आयुर्वेद, गुजरात में विस्तार की तैयारी
सूरत : कोरोना महामारी के बाद निवारक चिकित्सा यानी बीमारी से बचाव और स्वास्थ्य संरक्षण का विषय लोगों के बीच तेजी से महत्वपूर्ण हुआ है। ऐसे दौ...

सूरत :कोरोनामहामारीकेबादनिवारकचिकित्सायानीबीमारीसेबचावऔरस्वास्थ्यसंरक्षणकाविषयलोगोंकेबीचतेजीसेमहत्वपूर्णहुआहै।ऐसेदौरमेंसूरतस्थितजोगीआयुर्वेदअस्पतालप्राचीनआयुर्वेदिकसिद्धांतोंकोआधुनिकचिकित्सकीयपद्धतियोंऔरमरीजोंकेलिएव्यक्तिगतउपचारकेसाथजोड़करआयुर्वेदिकचिकित्साकोबढ़ावादेनेवालेप्रमुखसंस्थानोंमेंअपनीपहचानबनारहाहै।
अनुभवीआयुप्रेन्योरश्रीनिलेशजोगलद्वारास्थापितजोगीआयुर्वेदपिछले20 वर्षोंसेअधिकसमयसेस्वास्थ्यसेवाकेक्षेत्रमेंसक्रियहै।संस्थाकामाननाहैकिबीमारीकाउपचारकरनाजितनाजरूरीहै, उतनाहीमहत्वपूर्णस्वस्थव्यक्तिकेस्वास्थ्यकोबनाएरखनाभीहै।वर्तमानमेंसूरतमेंजोगीआयुर्वेदकेदोकेंद्रसंचालितहोरहेहैं।संस्थाकीओरसेगुजरातकासबसेबड़ाआयुर्वेदअस्पतालस्थापितकरनेकीभीयोजनाहै।
कोरोनामहामारीनेलोगोंकीस्वास्थ्यकेप्रतिसोचमेंबड़ाबदलावकियाहै।अबलोगकेवलबीमारियोंकेइलाजतकसीमितनहींरहनाचाहते, बल्किबीमारीसेबचावऔरस्वास्थ्यसंरक्षणकोभीपहलेकीतुलनामेंअधिकमहत्वदेनेलगेहैं।न्यूट्रास्यूटिकल्सऔरहर्बलउपचारोंकीमांगमेंभीवृद्धिहुईहै।चिकित्सकोंकामाननाहैकिबेहतरस्वास्थ्यकेवलदवाओंकेमाध्यमसेहीकायमनहींरखाजासकता, बल्किइसकेलिएजीवनशैलीऔरखान-पानकीआदतोंकीभीमहत्वपूर्णभूमिकाहोतीहै।यहीवजहहैकिआयुर्वेदकेप्रतिलोगोंकीरुचिएकबारफिरबढ़ीहै।










%20(1).jpg)
.jpg)

%20(1).jpg)


.jpg)




















.jpg)





.jpg)




.png)


.jpg)










