पहले यथाकथा इंटरनेशनल फ़िल्म एंड लिटरेचर महोत्सव का शुभारम्भ
मुंबई, 25 नवंबर 2021 : यथाकथा इंटरनेशनल फ़िल्म एंड लिटरेचर महोत्सव के प्रथम संस्करण की औपचारिक शुरुआत, नानावटी आडिटोरियम में एक शानदार कार्यक्रम के साथ की गयी। कोरोना के संक्रमण के बाद मुंबई महानगर में किसी भी बड़े फ़िल्म महोत्सव और साहित्यिक आयोजन का यह पहला अवसर हैं जिसमें देश के साथ
मुंबई, 25 नवंबर 2021 : यथाकथा इंटरनेशनल फ़िल्म एंड लिटरेचर महोत्सव के प्रथम संस्करण की औपचारिक शुरुआत, नानावटी आडिटोरियम में एक शानदार कार्यक्रम के साथ की गयी। कोरोना के संक्रमण के बाद मुंबई महानगर में किसी भी बड़े फ़िल्म महोत्सव और साहित्यिक आयोजन का यह पहला अवसर हैं जिसमें देश के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भी फ़िल्म और साहित्य के प्रतिष्ठित लेखक और फिल्ममेकर उपस्थित रहे। दीप प्रज्ज्वलन के अवसर पर मुख्य अतिथि फ्रांसिस पैरडिस कॉन्सल एंड डायरेक्टर, क्यूबेक गवर्नमेंट आफिस, प्रोफ़ेसर उज्ज्वला चक्रवर्ती, वायस चांसलर एसएनड़ीटी वूमेंस यूनिवर्सिटी प्रमुख अतिथि रहे जिनके साथ ही फ़ेस्टिवल की फ़ाउंडर और डायरेक्टर चारु शर्मा और टीम मेंबर ममता मंडल, अपूर्वा नानावटी, कमलेश पांडेय, आबिद सुरति, नीता कैंपस आदि ने गणेश वंदना और दीप प्रज्जवलन करके यथाकथा अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव के चार दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत की।
महोत्सव की पैनलिस्ट, अतिथि प्रमुख और निर्णायक मंडल में प्रिंस मानवेन्द्र सिंह गोहिल, श्री धर रंगायन, कमल स्वरूप, हामिद बेनमारा, हेरिस डब्ल्यू फ़्रीडमैन, रेचल कादुसीन, फ़ेडेरिको अलेटा, राधावल्लभ त्रिपाठी, डाक्टर साकेत सहाय, डाक्टर शिवांगी शर्मा, सिधार्थ एम जैन, डाक्टर पीयूष रॉय, धीरेंद्र अस्थाना, ब्रह्मानंद सिंह, संजय मासूम, देवाशीश मखीजा, आबिद सुरती, संजय मासूम, अनंत नारायण महादेवन, सूरज प्रकाश, अंजलि भूषण नुग्यल, सालीं शेठ, कमलेश पांडेय, विभा रानी, भावना सोमैया, राहुल रवैल भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। ये सभी विशिष्ट सत्रों का हिस्सा भी बनेंगे और साथ ही इस चार दिवसीय फेस्टिवल में इनको िंकेयोग्दान के लिए सम्मानित भी किया जाएगा।
यथाकथा इंटरनेशनल फ़िल्म एंड लिटरेचर महोत्सव अपने आप में एक अनोखा आयोजन हैं जिसमें सिनेमा और साहित्य, कला की दोनो विधाओं के दिग्गज एक साथ मंच साझा करेंगे। इस महोत्सव के आयोजन का मुख्य उद्देश्य कंटेंट इंडस्ट्री के रचनाकार विशेष रूप से फ़िल्म और साहित्य के लेखकों को एक वैश्विक मंच उपलब्ध कराना हैं। दो सुंदर और एक दूसरे से जुड़ी कला के बीच की दूरी को कम करना हैं । यथाकथा इंटरनेशनल फ़िल्म एंड लिटरेचर महोत्सव कहानियों और उनकी प्रस्तुति की मंत्रमुग्ध करने वाले सिनेमा को एक छत के नीचे लाने वाला एक संयुक्त उत्सव हैं
25 से 28 नवंबर चार दिवसीय फ़िल्म महोत्सव में डाक्यूमेंट्री, शॉर्ट फ़िल्म, फ़ीचर फ़िल्म, और एक्सपेरिमेंटल सिनेमा कुल मिलाकर 35 फ़िल्में प्रदर्शित की जाएगी। महोत्सव में कंट्री शोकेस क्यूबेक हैं फ़िल्मों की स्क्रीनिंग के साथ ही विशेषज्ञों द्वारा फ़िल्मों और साहित्य विषय पर पैनल डिस्कशन का भी आयोजन किया गया है और फेस्टिवल में आनेवाली फिल्मों के प्रदर्शन का भी विशेष आयोजन किया जानेवाला है। इस इवेंट में फ़िल्मों और साहित्य प्रेमी बिना शुल्क के कार्यक्रम का आनंद ले सकते हैं
फ़िल्म महोत्सव का समापन 28 नवंबर की शाम पुरस्कार वितरण समारोह के आयोजन के साथ होगा जिसमें मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी जी उपस्थिति में किया जाएगा।
इस अवसर पर फ़ेस्टिवल फ़ाउंडर और निर्देशक चारु शर्मा ने कहा कि ‘’सिनेमा और साहित्य की आत्मा कहानीकार होते हैं यथाकथा फ़िल्म महोत्सव कहानीकारों के लिए एक ऐसा मंच हैं जहां पर वह परस्पर रचनात्मक सवाद कर सकते हैं एक लम्बे समय से इस तरह के आयोजन की आवश्यकता थी यथाकथा फ़िल्म सिनेमा और साहित्य के संवाद का वैश्विक मंच की कल्पना को साकार करता हैं ’’
मुख्य अतिथि फ्रांसिस पैराडिस, कॉन्सल एंड डायरेक्टर, क्यूबेक़ ने कहा कि ‘’ यथाकथा इंटरनेशनल फ़िल्म एंड लिटरेचर महोत्सव में कंट्री शो केस के साथ जुड़ना हमारे लिए गर्व का क्षण हैं मैं आयोजक चारु शर्मा जी को धन्यवाद देना चाहता हूँ की उन्होंने एक भव्य आयोजन को साकार किया।’’