जब पत्थर बोले भावनाओं की भाषा: राजकुमार गुप्ता की पेबल आर्ट प्रदर्शनी ने मोहा मन
हवा महल में सजी अनोखी प्रदर्शनी, साधारण पत्थरों में दिखी प्रेम, ममता और जीवन की गहराई नदी के किनारों पर बिखरे साधारण पत्थर… जिन पर अक्सर किसी की नजर नहीं ठहरती, वही पत्थर जब कलाकार की कल्पना से छूते हैं तो भावनाओं की जीवंत कहानियां बन जाते हैं। ऐसे ही अद्भुत कला का अनुभव इन दिनों राजकुम



हवा महल में सजी अनोखी प्रदर्शनी, साधारण पत्थरों में दिखी प्रेम, ममता और जीवन की गहराई
नदी के किनारों पर बिखरे साधारण पत्थर… जिन पर अक्सर किसी की नजर नहीं ठहरती, वही पत्थर जब कलाकार की कल्पना से छूते हैं तो भावनाओं की जीवंत कहानियां बन जाते हैं। ऐसे ही अद्भुत कला का अनुभव इन दिनों राजकुमार गुप्ता की पेबल आर्ट प्रदर्शनी में देखने को मिल रहा है।













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