मेरा गाँव मेरा गौरव कार्यक्रम अन्तर्गत जैव विविधता एवम् पादप अनुवांशिक संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

 


दिनांक 29 अक्टूबर, 2021 को महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के प्रसार शिक्षा निदेशालय ने मेरा गाँव मेरा गौरव कार्यक्रम अन्तर्गत गाँव जसवंतगढ़ पंचायत-समिति-गोगुन्दा में जैव विविधता एवं पादप अनुवांशिक संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. आर.ए.कौशिक, निदेशक प्रसार शिक्षा ने ग्रामीण आदिवासी महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में कम उपयोग में आने वाले फल जैसे-सीताफल एवं जामुन का प्रसंस्करण महिलाओं को सिखाया गया। 

आज इस प्रसंस्करण समूह में कुल 500 महिलाएं कार्य कर रही हैं और विपणन द्वारा अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही हैं। इस क्षेत्र में कम उपयोग में आने वाले फलों जैसे कि टिमरू एवं कोठबडी आदि फलों के प्रसंस्करण की भी काफी संभावनाएं हैं। 

क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं की रूचि मुर्गीपालन में देखते हुए डॉ. कौशिक ने कहा कि मेरा गाँव मेरा गौरव कार्यक्रम की अगली बैठक में हम ग्रामीण आदिवासी महिलाओं को प्रतापधन मुर्गी की कुछ इकाइयां वितरित करेंगे ताकि पोषण एवं आर्थिक सुधार हो सके। 

डॉ. अहलावत प्रधान, एक्सप्लोरेशन डिवीजन ने बताया कि मोटा अनाज का उपयोग आजकल बहुत कम हो गया है। सुदूर क्षेत्रों में कई तरह के अनाज व्याप्त हैं जिन्हें हमने धीरे-धीरे उपयोग में लेना कम कर दिया है और उनका उत्पादन भी कम हो गया है। 

ऐसे कई अनाज, फल, सब्जियां हैं जिनका पुनः उत्पादन एवं संरक्षण जरूरी है। उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि पुराने अनाजों, सब्जियां, फलों का उत्पाद ही नहीं, संरक्षण भी अपने घरों में करें। इस अवसर पर डी.एफ.ओ., उदयपुर डॉ. अजीत ने ग्रामीण महिलाओं को जंगल में स्वत् उगने वाले कई फल एवं सब्जियों की जानकारी प्रदान की। 

डॉ. एस.के. मलिक ने पादप अनुवांशिकी ब्यूरो की गतिविधियों के बारे में बताया साथ ही डॉ. लतिका व्यास, प्रोफेसर, प्रसार शिक्षा निदेशालय एवं श्री माथुर, आई.सी.आई.सी.आई. ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में महिलाओं के ज्ञानवर्धन के लिये प्रदर्शिनी लगाई गई जिसमें सीताफल, जामुन के प्रसंस्कृत उत्पाद शहद, मोम एवं टेसूू के फूलों का पाउडर आदि प्रदर्शित किये गये। 

कार्यक्रम में जसवंतगढ़ गाँव की कुल 150 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन श्री धारीवाल एवं धन्यवाद श्री राजेश ओझा ने किया।

Previous Post Next Post