तेज़ीसेबदलतेपारिवारिकढांचे, बच्चोंकादूसरेशहरोंयादेशोंमेंबसजानाऔरशहरीजीवनशैलीकेचलतेआजकईबुज़ुर्गलोगभीड़भाड़वालेइलाकोंमेंरहतेहुएभीअकेलापनमहसूसकरतेहैं।सीनियरसाथीइसदूरीकोकमकरनेकेलिएएकसुव्यवस्थितसामाजिकवभावनात्मकसहयोगमॉडलपेशकरताहै।
सामुदायिकआधारितसाथ-सहयोगमॉडल
इसपहलकेतहतप्रशिक्षितयुवास्वयंसेवक—जिनकामनोवैज्ञानिकमूल्यांकन, पृष्ठभूमिसत्यापनऔरसंवेदनशीलताप्रशिक्षणकियागयाहै—हरसप्ताहबुज़ुर्गनागरिकोंकेसाथसमयबिताएंगे।इनगतिविधियोंमेंबातचीत, टहलना, खेल, सांस्कृतिककार्यक्रम, पढ़नेमेंसहायता, मोबाइलवडिजिटलसीख, औरछोटे-मोटेकामोंमेंमददशामिलहोगी।
अधिकारियोंकेअनुसार, कार्यक्रमकामुख्यउद्देश्यबुज़ुर्गोंमेंअपनापन, भावनात्मकसुरक्षाऔरविश्वासकामाहौलबनानाहै।
पीढ़ियोंकोजोड़नेकीजरूरत: मंत्रीकासंदेश
शुभारंभकेदौरानमंत्रीपोनमप्रभाकरनेकहाकिपहलेसंयुक्तपरिवारोंमेंबुज़ुर्गोंसेनियमितबातचीतहोतीथी, लेकिनआधुनिकजीवनशैलीमेंयहसंपर्ककमहोगयाहै।उन्होंनेकहाकिसरकारबुज़ुर्गोंकीभलाईकेलिएप्रतिबद्धहैऔरलोगोंसेअपीलकीकिवेअपनेमाता-पितासेदूररहनेपरभीफोनयाडिजिटलमाध्यमसेजुड़ेरहें।
उन्होंनेसाइबरसुरक्षाऔरसंपत्तिसेजुड़ेजोखिमोंपरभीचिंताजताई, जिनकासामनाअक्सरबुज़ुर्गोंकोकरनापड़ताहै, औरपरिवारोंतथासमुदायोंसेज़्यादाजिम्मेदारीऔरदेखभालदिखानेकीअपीलकी।
कलेक्टरकादृष्टिकोण: सहायकशहरीसंस्कृतिकानिर्माण
कलेक्टरहरिचंदनानेकहाकिसरकारकादृष्टिकोणसंवेदनाऔरमजबूतसंस्थागतसमर्थनपरआधारितहै।उन्होंनेबतायाकिप्रशासनबुज़ुर्गोंसेजुड़ीसमस्याओंकानियमितरूपसेसमाधानकरताहैऔरआवश्यककार्रवाईसुनिश्चितकरताहै।
उन्होंनेसमुदायिकमूल्योंऔरसाझास्थानोंमेंआरहीगिरावटपरचिंताव्यक्तकीऔरकहाकिनईपीढ़ीकोबुज़ुर्गोंकेजीवनअनुभवोंसेसीखनेकीआवश्यकताहै।उन्होंनेयहभीघोषणाकीकिजल्दही Hyderabad जिलेमेंएकसीनियरडे-केयरसेंटरस्थापितकियाजाएगा, ताकिबुज़ुर्गोंकोऔरभीबेहतरसेवाएंउपलब्धकराईजासकें।
सीनियरसाथीक्योंमहत्वपूर्णहै
अध्ययनोंकेअनुसार, भारतमें 13% सेअधिकबुज़ुर्गअवसादकेलक्षणोंकाअनुभवकरतेहैं, जिसमेंअकेलापनएकबड़ाकारणहै।दुनियाकेकईदेशोंमेंहुएशोधबतातेहैंकिनियमितसामाजिकसंपर्कचिंताकमकरताहै, दिमागीक्षमताबढ़ाताहै, औरसमयसेपहलेहोनेवालीमृत्युकेजोखिमकोलगभग 30% तककमकरताहै।
अधिकारियोंकामाननाहैकिसीनियरसाथीवैश्विकअनुभवोंकोस्थानीयज़रूरतोंकेअनुसारजोड़ताहैऔरअन्यजिलोंकेलिएएकआदर्शमॉडलबनसकताहै।मंत्रीप्रभाकरनेआशाव्यक्तकीकि Hyderabad कीयहपहलराज्यऔरराष्ट्रीयस्तरपरएकप्रेरकमॉडलबनेगी।
कार्यान्वयनऔरजिम्मेदारी
यंगिस्तानफाउंडेशनकेसंस्थापकअरुण, जिन्होंनेइसकार्यक्रमकीकल्पनाकी, कोमंत्रीनेविशेषप्रशंसादी।कल्याणविभागकेअधिकारी, वरिष्ठनागरिकसंघोंकेसदस्यऔरविभिन्नसाझेदारसंगठनोंकेप्रतिनिधिइसकार्यक्रममेंशामिलहुए।
अबयहपहलज़मीनीस्तरपरलागूकीजाएगीऔरजिलाप्रशासनस्वयंसेवकोंकीनिरंतरभागीदारीतथाबुज़ुर्गोंकोसमयपरसहायतासुनिश्चितकरनेकेलिएइसकीनिगरानीकरेगा।
बुज़ुर्गहोतीजनसंख्याकेलिएएकआदर्शमॉडल
तेज़ीसेविकसितहोरहे Hyderabad जोतकनीकऔरवैश्विककेंद्रोंकाएकबड़ाहबबनचुकाहैकेप्रशासनकाकहनाहैकिशहरकाविकासकेवलढांचागतप्रगतितकसीमितनहींहोनाचाहिए, बल्किसामाजिकसमावेशनऔरभावनात्मकदेखभालकोभीदर्शानाचाहिए।सीनियरसाथीइसीदिशामेंएकमहत्वपूर्णकदमहै, जोबुज़ुर्गनागरिकोंकोसक्रिय, सम्मानितऔरसमाजसेजुड़ेरहनेमेंमददकरेगा।