Rajasthan : #BejhijhakBol महिलाओं की स्वच्छंद आत्म-अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करता है Koo App का प्रेरक अभियान

रोज़मर्रा की ज़िंदगी की महिलाओं को शामिल करते हुए यह प्रेरणादायी अभियान लैंगिक रूढ़ियों को तोड़ने और महिलाओं के बीच मुक्त चर्चा को बढ़ावा देने की जरूरत को दोहराता है। 8 मार्च 2022: देसी भाषाओं में आत्म-अभिव्यक्ति के सबसे बड़े मंच Koo App ने #BejhijhakBol नाम से एक ताज़ा अभियान शुरू किय

JR Choudhary
JR Choudhary Verified Public Figure • 30 Mar, 2026 Editorial Desk
Mar 8, 2022 • 3:20 PM  0  0
देश
NEWS CARD
Logo
Rajasthan : #BejhijhakBol महिलाओं की स्वच्छंद आत्म-अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करता है Koo App का प्रेरक अभियान
“Rajasthan : #BejhijhakBol महिलाओं की स्वच्छंद आत्म-अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करता है Koo App का प्रेरक अभियान”
Favicon
Read more on marudharabharti.com
8 Mar 2022
https://www.marudharabharti.com/national/rajasthan-bejhijhakbol-motivational
Copied
Rajasthan : #BejhijhakBol महिलाओं की स्वच्छंद आत्म-अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करता है Koo App का प्रेरक अभियान

 

 

रोज़मर्रा की ज़िंदगी की महिलाओं को शामिल करते हुए यह प्रेरणादायी अभियान लैंगिक रूढ़ियों को तोड़ने और महिलाओं के बीच मुक्त चर्चा को बढ़ावा देने की जरूरत को दोहराता है।

8 मार्च 2022: देसी भाषाओं में आत्म-अभिव्यक्ति के सबसे बड़े मंच Koo App ने #BejhijhakBol नाम से एक ताज़ा अभियान शुरू किया है। वीडियो के माध्यम से शुरू किया गया #बेझिझकबोल अभियान बिना किसी डर या झिझक के महिलाओं के बीच आत्म-अभिव्यक्ति को प्रेरित करता है। इसमें जीवन के सभी क्षेत्रों की महिलाओं द्वारा शानदार प्रदर्शनों की एक श्रृंखला शामिल की गई है जो आत्म-अभिव्यक्ति के माध्यम से भावनाओं को उजागर करने की आवश्यकता पर जोर देती है। 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2022 पर जारी यह अभियान इस वर्ष की थीम- ‘एक स्थायी कल के लिए लिंग समानता’ को सामने लाता है, जो मुक्त अभिव्यक्ति को सक्षम और प्रोत्साहित करके आपस में एक-दूसरे से जुड़ी दुनिया में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की जरूरत को रेखांकित करता है।

Koo App की मूल प्रतिज्ञा भाषा आधारित आत्म-अभिव्यक्ति है, जिसको एक नए स्तर पर ले जाते हुए यह अभियान- ‘और दिल में जो भी हो, कू पर बेझिझक बोल’, टैगलाइन के माध्यम से महिलाओं से संकोच को दूर करने और एनिमेटेड चर्चा में शामिल होने का आह्वान करता है। 

यह Koo App के दर्शन को भी दोहराता है कि डिजिटल दुनिया में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए भाषा की तरह लैंगिक बाधाओं को भी मिटाने की जरूरत है। Koo App को मूल भाषा की अभिव्यक्ति को ऑनलाइन सक्षम करके हर एक भारतीय को सशक्त बनाने के दृष्टिकोण के साथ बनाया गया था। ये वीडियो इसी भावना को दर्शाता है, जिसमें विभिन्न शहरों, संस्कृतियों और समाजों की आम महिलाओं (ना कि सेलिब्रिटी) को उनके रोजमर्रा के जीवन के बारे में बताते हुए देखा जा सकता है और ये महिलाएं अपनी पसंद की अभिव्यक्ति की क्षमता के साथ सशक्त हैं और चर्चा में जुड़ी रहती हैं।

समावेशिता यानी सभी को एक साथ लाने वाले एक सुरक्षित, भरोसेमंद मंच का नेतृत्व करने वाले के रूप में कू ऐप महिला यूजर्स की सक्रिय भागीदारी का गवाह है, जिसमें अपनी लैंगिक पहचान बताने वालों में से लगभग 40 प्रतिशत यूजर्स महिलाएं हैं। डॉक्टरों, वकीलों, पेशेवरों, उद्यमियों, एथलीटों, राजनेताओं, अभिनेताओं, लेखकों, कवियों और गृहिणियों समेत महिलाएं फिलहाल मंच पर मौजूद 10 भाषाओं में अपनी दिलचस्पी वाले तमाम विषयों पर खुद को व्यक्त करती हैं। 

history This is an archived post. The information provided may be outdated.

JR Choudhary Verified Public Figure • 30 Mar, 2026 Editorial Desk

Editor

Recommended Posts

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter