शो में मेरे किरदार धानी की जर्नी अलग ही रही है। शुरू
में पटाखा और मुंहफट लड़की थी। उसने अपने लिए कुछ और प्लान किया था और कुछ
और हो गया। यही हमारे शो की थीम भी है कि जो किस्मत में लिखा होता है वही
होता है। जब आपके साथ नाइंसाफी हो रही है तो आपको अपना स्टैंड लेना भी
जरूरी है, जो इस वक्त धानी कर रही है, वो बिना डरे अपने हक के लिए लड़ रही
है।
ध्रुव ने नए सीक्वेंस के बारे में कहा कि सृष्टि ने काला
धागा बांधा है, धानी मुझे उससे बचाने वाली है। अच्छाई और बुराई के खिलाफ
लड़ाई वाली बात है। धानी को भनक लग जाती है कि ध्रुव के साथ कुछ गलत हो रहा
है इसलिए वह कुछ कदम उठाती है।
काशीनाथ पाण्डे का रोल निभा रहे
सुदेश बेरी ने कहा कि सौ एपिसोड की यह जर्नी यादगार रही है। यह कामयाबी
दरअसल सबकी कोशिशों का नतीजा है। दंगल शब्द ही हिट है, चाहे फ़िल्म हो या
दंगल टीवी चैनल हो, लोगों का फेवरेट है। उसके साथ जो जुड़ेगा वह भी हिट है।
पूरी टीम की मेहनत और दर्शकों की दुआओं की वजह से रंग जाऊं तेरे रंग में
सुपर हिट हुआ है।
सृष्टि का रोल कर रही केतकी कदम ने बताया कि यह
ऑडिएंस का बेपनाह प्यार है जिसकी वजह से हमारे शो ने 100 का आंकड़ा पार
किया है। मेरा किरदार मुझे बहुत पसन्द है। शुरू में एक सीधी सादी लडक़ी फिर
वो बदले का रूप लेती है, थोड़ा नकारात्मक पहलू आता है। हमारा शो इस बारे में
है कि किस्मत भी कैसे बदल सकती है, हालात बदल सकते हैं। रिश्ते बदल सकते
हैं। शुरू में सृष्टि और धानी एक दूसरे को बहुत पसंद करने वाली बहनें थीं
मगर अब दोनों के बीच दरार आ गई है।
हालांकि धानी के साथ ऑफ स्क्रीन मेरी
बहुत अच्छी दोस्ती है, हम एक दूसरे का ख्याल रखते हैं, खाना शेयर करते हैं।
नए सीक्वेंस में सृष्टि कुछ ड्रामा करती है लेकिन धानी पकड़ लेती है। उसके
लिए आपको दंगल टीवी पर रात 9:30 बजे रंग जाऊं तेरे रंग में देखना होगा।
पूजा पाण्डेय का रोल कर रही दीक्षा धामी ने बताया कि सौ एपिसोड का यह
सफर हम सब के लिए मस्ती भरा रहा है, हमें बहुत कुछ सीखने को मिला और कई
लोगों से रिश्ते भी बने।
बुआ जी के रोल को जी रही मीना मीर ने बताया कि शो की पूरी टीम, तमाम साथी
कलाकार, डायरेक्टर, टेक्नीशियन बहुत ही अच्छे हैं। हमारे किरदार बुआ जी को
काफी सराहा जा रहा है, हम सब अपने अपने किरदार में रंग गए हैं।
रूपा पाण्डेय का रोल कर रही उर्वशी उपाध्याय ने कहा कि मैं सबसे पहले तमाम
दर्शकों का शुक्रिया अदा करना चाहूँगी जिन्होंने हमें पसंद किया। हमारे शो
में जिंदगी के अलग अलग रंग हैं और उन रंगों को ऑडियंस ने सराहा। उनके
प्यार की वजह से ही हमारा धारावाहिक नम्बर वन पोजीशन पर है। दर्शकों ने जिस
तरह तमाम किरदारों को पसन्द किया, हम सब उनके आभारी हैं। मैं अपने बड़े
बेटे अभिषेक पाण्डेय (उदित शुक्ला) को मिस कर रही हूं जो जेल में है।