इसअनूठेकार्यक्रमकाआयोजनगुरुवारसुबह 10 बजेधोलकियागार्डनमेंकियागया।कार्यक्रमकेदौरानप्रत्येकबेटीनेअपनेनिर्धारितपेड़कोचंदनकातिलकलगाया, आरतीउतारीऔरइसकेबादराखीबांधी।इसकेसाथहीबेटियोंनेअपने-अपनेपेड़ोंकीनियमितदेखभालकीजिम्मेदारीभीस्वीकारकी।इसपहलकेलिएबेटियोंकेपेड़पहलेसेनिर्धारितकिएगएथेऔरपेड़ोंकेआकारकेअनुसारविशेषरूपसेराखियांभीतैयारकीगईथीं।
कार्यक्रमकोलेकरभावेशभाईलाठियानेबतायाकिआयोजनकेपीछेमुख्यविचारयहहैकिजिसतरहरक्षाबंधनकेदिनभाईअपनीबहनकीरक्षाकासंकल्पलेताहै, उसीभावनाकोआगेबढ़ातेहुएइसवर्षबेटियोंनेपेड़ोंकीरक्षाऔरदेखभालकासंकल्पलियाहै।पेड़ोंकेसाथकेवलपर्यावरणकेनजरिएसेनहीं, बल्किभावनात्मकऔरआत्मीयरिश्ताविकसितहो, यहीइसपहलकामुख्यउद्देश्यहै।
स्कूलकीप्रिंसिपलश्रीमतीदिव्याबेनगज्जरनेकहाकिपेड़लगानेकेबादउसकीदेखभालकरनाभीउतनाहीमहत्वपूर्णहै।जबलोगपेड़ोंकेसाथभावनात्मकरूपसेजुड़तेहैं, तोउनकेसंरक्षणकीभावनाऔरमजबूतहोतीहै।
‘एकपेड़मांकेनाम’ अभियानसेजुड़ेगीपहल
स्कूलकेचेयरमैनश्रीगोविंदभाईधोलकियानेबतायाकिधरतीकोहरा-भराबनानेऔरपर्यावरणसंरक्षणकीसोचकोआगेबढ़ातेहुएप्रधानमंत्रीनरेंद्रभाईमोदीके ‘एकपेड़मांकेनाम’ अभियानसेप्रेरणालेकरयहअनूठीपहलकीगईहै।पौधारोपणकेसाथउनकेसंरक्षणऔरदेखभालकोभीजनआंदोलनकारूपमिले, इसीउद्देश्यसेयहप्रयासकियागयाहै।
‘हरसालअपनेपेड़कोराखीबांधूंगी’
इसपहलकोलेकरस्कूलकीबेटियोंमेंभीखासाउत्साहदेखनेकोमिला।कईबेटियोंनेअपनेपेड़केसाथयहरिश्ताहरवर्षरक्षाबंधनकेपर्वपरराखीबांधकरबनाएरखनेकासंकल्पलिया।इसतरहएकदिनकेकार्यक्रमकेबजायपेड़औरबच्चेकेबीचवर्षोंतकचलनेवालाभावनात्मकजुड़ावविकसितकरनेकाप्रयासकियागयाहै।
पौधारोपणकेबादअबदेखभालपरजोर
गोविंदकाकाकीओरसेहरवर्षबड़ीसंख्यामेंपौधरोपणगतिविधियांआयोजितकीजातीहैं।अबपौधारोपणकेसाथ-साथपेड़ोंकीदेखभालऔरसंरक्षणकोभीसमानमहत्वदियाजारहाहै।कतारगामक्षेत्रमें ‘ग्रीनलाइंस’ नामभीगोविंदकाकाकीहरियालीकोलेकरसोचसेजुड़ाहै।गोधाणीस्कूलकीओरजानेवालीगलीकोभी ‘ग्रीनलाइंस’ नामदियागयाहै।
पर्यावरणशिक्षाकाजीवंतउदाहरण
यहपहलकेवलरक्षाबंधनकाउत्सवनहींहै, बल्किबच्चोंमेंपर्यावरणकेप्रतिप्रेम, जिम्मेदारीऔरसंरक्षणकीभावनाविकसितकरनेवालीजीवंतशिक्षाकाउदाहरणहै।बेटियांअपनेपेड़कोनियमितरूपसेदेखें, उसकीदेखभालकरेंऔरवर्षोंतकउसकेसाथजुड़ीरहें, इसप्रयाससेआनेवालीपीढ़ीमेंपेड़संरक्षणकीसंस्कृतिविकसितकरनेमेंमददमिलसकतीहै। “पेड़लगानाशुरुआतहै, लेकिनउसेबड़ाकरनाऔरउसकीदेखभालकरनाहीअसलीजिम्मेदारीहै।”
रक्षाबंधनकेपवित्रपर्वकोइसीभावनासेपर्यावरणसंरक्षणकेसाथजोड़नेवालीयहपहलप्रकृतिकेप्रतिसंवेदनशीलताऔरजिम्मेदारीकाप्रेरणादायीसंदेशदेतीहै।