आईआईएम उदयपुर इनक्यूबेशन सेंटर ने जलवायु परिवर्तन की दिशा में पहला स्टार्टअप समूह शुरू किया, योग्य स्टार्टअप को दिया आमंत्रण
-आईआईएम उदयपुर ने जलवायु परिवर्तन की दिशा में कार्य करने वाले पात्र स्टार्टअप्स के लिए लॉन्च की क्लाइमेट चेंज इनोवेशन ग्रांट - प्रोटोटाइप सत्यापन के लिए 4 लाख रुपए तक और प्रोडक्ट डेवलपमेंट के लिए 7 लाख रुपए तक के अनुदान का प्रावधान - आवेदन की अंतिम तिथि - 10 फरवरी, 2022 उदयपुर, 17
-आईआईएम उदयपुर ने जलवायु परिवर्तन की दिशा में कार्य करने वाले पात्र स्टार्टअप्स के लिए लॉन्च की क्लाइमेट चेंज इनोवेशन ग्रांट
- प्रोटोटाइप सत्यापन के लिए 4 लाख रुपए तक और प्रोडक्ट डेवलपमेंट के लिए 7 लाख रुपए तक के अनुदान का प्रावधान
- आवेदन की अंतिम तिथि - 10 फरवरी, 2022
उदयपुर,
17 जनवरी, 2022- भारतीय प्रबंधन संस्थान उदयपुर ने इलैक्ट्राॅनिक और सूचना
प्रौद्योगिकी मंत्रालय स्टार्टअप हब, इलैक्ट्राॅनिक और सूचना प्रौद्योगिकी
मंत्रालय, भारत सरकार और कॉर्पाेरेट पार्टनर ट्रांसवल्र्ड ग्रुप के सहयोग
से पात्र स्टार्टअप के लिए क्लाइमेट चेंज इनोवेशन ग्रांट की घोषणा की है।
अनुदान में प्रारंभिक चरण के ऐसे जलवायु तकनीकी उद्यमों को सपोर्ट किया
जाएगा, जिनके उत्पाद या सेवाएं स्पष्ट रूप से जीएचजी उत्सर्जन को कम करने
या ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों को दूर करने पर केंद्रित हैं।
इसमें
भाग लेने वाले स्टार्टअप्स को कॉर्पाेरेट पार्टनर ट्रांसवल्र्ड ग्रुप के
साथ विचार-मंथन करने और साॅल्यूशन तलाशने और इसके अनुरूप जरूरी प्रशिक्षण
और समर्थन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, आईआईएम उदयपुर इनक्यूबेशन
सेंटर में सीखने और समान विचारधारा वाले समुदाय में एक सहयोगी वातावरण में
काम करने का मौका भी हासिल होगा। इसके अलावा उन्हें इन्क्यूबेशन सेंटर के
अन्य कार्यक्रमों के तहत फॉलो-ऑन फंडिंग हासिल करने का अवसर भी मिलेगा।
आईआईएम
उदयपुर इनक्यूबेशन सेंटर के सीईओ श्री कन्नन सुंदरराजन ने कहा, ‘‘आईआईएम
उदयपुर का मकसद है कि स्टार्टअप कंपनियों को अत्याधुनिक सलाह और ऑनलाइन
प्रशिक्षण के साथ-साथ वित्तीय सहायता और नेटवर्किंग के अवसरों तक पहुंच
प्रदान की जाए। आपके और आपके स्टार्ट-अप दोनों के लिए और ठोस जलवायु समाधान
वाले पर्यावरण के लिए सफलता ही मूल बात है।’’