भारत अपनी युवाशक्ति और उनकी प्रतिभा के कारण आज आर्थिक क्रांति के शिखर पर खड़ा है। देश की इस आर्थिक क्रान्ति को बढ़ावा देने में डॉ. विवेक बिंद्रा बेहद अहम् भूमिका निभा रहे हैं।
वह लगातार भारत के युवाओं को बिजनेस के प्रति जागरुक करने और युवाओं को उसके लिए शिक्षित करने का काम कर रहे हैं। आईए इस लेख के जरिए उनके इस कमाल के सफर के बारे में जानते हैं।
युवाओंकेरोलमॉडलहैं–डॉ. बिंद्रा
डॉ. विवेक बिंद्रा की ये कहानी इस बात का एहसास कराती है कि हर एक व्यक्ति में बदलाव करने की क्षमता होती है। उन्होंने इसी विश्वास के साथ भारत के युवाओं को एंटरप्रेन्योरशिप की शक्ति का एहसास दिलाने का बीड़ा उठाया है।
वह अपने संबोधन में लोगों को एंटरप्रेन्योर बनने के लिए मोटिवेट करते रहते हैं। बिजनेस की दुनिया के गुर सिखाकर वो लोगों को खुद का व्यापार करने और इस क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करते हैं।
उनका मानना है कि देश की युवा शक्ति ही भविष्य में देश की आर्थिक व्यवस्था की राह तय करेगी, जिस कारण वह बड़ी संख्या में युवाओं का मार्गदर्शन करके उन्हें मोटिवेट करते रहते हैं। शायद यही कारण है कि आज के समय में डॉ. बिंद्रा भारतीय युवाओं के रोल मॉडल बन चुके हैं।
लोगोंकोएजुकेटवमोटिवेटकरदिखारहेंहैसफलताकीराह –
डॉ. विवेक बिंद्रा सिर्फ लोगों को प्रेरित ही नहीं करते हैं बल्कि वो अपने व्यावसायिक ज्ञान से लोगों को गाइड भी करते हैं। अपनी बिजनेस की प्रैक्टिकल नॉलेज से आज एंटरप्रेन्योरशिप शुरू करने वालों के लिए नए रास्ते खोल रहे हैं। बिजनेस की समस्यायों से उबरने के लिए भी वो नए-नए टूलकिट लोगों के सामने लेकर आते रहते हैं।
उनका मेंटरशिप प्रोग्राम सिर्फ थ्योरी नहीं समझाता बल्कि वो लोगों को प्रैक्टिकल और एक्शन में आने वाली गाइडेंस देते हैं। डॉ बिंद्रा की सोच है कि लोगों में आगे बढ़ने की मानसिकता पैदा हो ताकि वो खुद ही अपनी कमाई के विकल्प खोज सकें। वो चाहते हैं कि लोग अपनी विफलता को हार नहीं बल्कि आगे बढ़ने के लिए एक सीढ़ी समझें।
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डॉ विवेक बिंद्रा का मानना है कि एंटरप्रेन्योरशिप सिर्फ एक अकेले व्यक्ति का काम नहीं है। एक सहयोगी सिस्टम का हिस्सा है। इसी सहयोगी सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए वो अक्सर नेटवर्किंग प्रोग्राम्स में अपनी नॉलेज और अनुभव को दूसरों तक पहुंचाने का काम करते हैं।
इसके लिए वो अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के ज़रिये लोगों तक अपनी नॉलेज को पंहुचा रहे हैं, जिसमें वो भाषा या क्षेत्र की बेड़ियाँ भी तोड़ रहे हैं। उन्होंने नए एंटरप्रेन्योर्स के लिए एक बहुत ही अच्छा मंच प्रदान किया है।
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भारतीय युवाओं को एंटरप्रेन्योरशिप के लिए प्रेरित करके डॉ बिंद्रा भारत की आर्थिक व्यवस्था में एक बड़ा परिवर्तन पैदा कर रहे हैं। बिजनेस लीडर्स को गाइड करके वो जॉब्स और आर्थिक फायदे को बढ़ावा दे रहे हैं।
डॉ विवेक बिंद्रा हमेशा से ही लगातार स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देते हैं। उनका मानना है कि बिजनेस के क्षेत्र में हो रहे बदलाव के साथ आगे बढ़ने के लिए ये बेहद ज़रूरी है।
सार–
डॉ.विवेक बिंद्रा का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक भारतीय युवाओं को शिक्षित करके उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने देश में एंटरप्रेन्योरशिप की पहल शुरू करके आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम् भूमिका निभाई है।
उन्होंने कई संघर्षों के बावजूद खुद को एक सफल बिजनेसमैन के तौर पर साबित किया है। जिस गति और लक्ष्य के साथ वह युवाओं को आगे लाने का प्रयास कर रहे हैं, उनका विश्वास है कि आने वाले दिनों में भारत में उद्यमशीलता के क्षेत्र में सुखद नतीजे देखने को मिलेंगे, जिससे देश के विकास और प्रगति में एक बड़ा बदलाव आ सकता है।