सूरत (गुजरात) [भारत], नवंबर 15 : TEDx टॉककेमंचपरसखियास्किनक्लीनिककेसंस्थापकऔरप्रबंधनिदेशकडॉ. जगदीशसखियानेअपनेसंघर्ष, सफलताऔरभविष्यकीयोजनाओंकोजिससहजअंदाजमेंसाझाकिया, उसनेदर्शकोंकोबहुतप्रभावितकिया।राजकोटजिलेकेएकछोटेसेगांवसेशुरूहुईउनकीयात्राआजदेशकेअग्रणीत्वचाविज्ञाननेटवर्कतकपहुंचीहै।उनकेइससफरकोजानकरसभीनेप्रशंसाकी।
डॉ. सखियानेबतायाकिआर्थिकरूपसेसाधारणपरिवारसेआनेकेबावजूदउन्होंनेसरकारीस्कूलसेपढ़ाईकीऔर 1998 में 600 वर्गफुटकेछोटेसेकमरेमेंपहलाक्लीनिकशुरूकियाथा।उन्होंनेकहाकि“आज 24 शहरोंमें 37 सेअधिकक्लीनिकहैंऔरयहविश्वस्तरीयत्वचाउपचारहरवर्गतकपहुंचेयहहमारालक्ष्यहै।”
मेडिकलछात्रजीवनकीयादेंताज़ाकरतेहुएउन्होंनेबतायाकिएकसमयडर्मेटोलॉजीकोचिकित्साकी“कमजोरशाखा”मानाजाताथा।लेकिनत्वचासबसेबड़ाअंगहैऔरइसमेंसंभावनाएंअनंतहैं।आपकोयहजानकरहैरानीहोगीकि 5,000 सेअधिकप्रकारकेत्वचारोगहोतेहैं। 27 सालमेंछहलाखसेज़्यादामरीजोंकाइलाजकरचुकेडॉ. सखियानेमानाकिमरीजहीउन्हेंसिखातेरहेहैं।दर्दलेकरआनेवालाहरमरीजहमेंकुछनयासमझाजाताहै।
लेजरट्रीटमेंटकीशुरुआतकोयादकरतेहुएउन्होंनेकहाकि 1998 मेंकईलोगयहमानतेथेकिलेजरभारतीयत्वचापरअसरनहींकरेगा।चुनौतियांथीं, लेकिनअगरतबरुकजातेतोआज 150 सेअधिकलेजरमशीनेंहमारेपासनहींहोतीं।उन्होंनेस्पष्टकियाकिएडवांस्डलेजरट्रीटमेंटनेवहसंभवकरदिखायाहै, जिसेकभीअसंभवमानाजाताथा।पहलेकहाजाताथाकित्वचाकेमरीजनमरतेहैं, नठीकहोतेहैं।आजहमगंभीरऔरजानलेवात्वचारोगोंकाभीइलाजकरपारहेहैं।
डॉ. सखियानेबतायाकित्वचाविज्ञानकेसामनेआजअयोग्यचिकित्सक, सोशलमीडियापरगलतसलाह, स्व-चिकित्साऔरविशेषज्ञोंकीकमीजैसीचुनौतियांखड़ीहैं। 140 करोड़कीआबादीमेंसिर्फ़ 18,000 त्वचाविशेषज्ञहोनेकेकारणवेप्रौद्योगिकीआधारितसमाधानतैयारकररहेहैं।
TEDx मंचपरउन्होंनेभविष्यकीअपनीमहत्वाकांक्षीयोजनाभीसाझाकी
डॉ. जगदीशसखियानेअपनीभविष्यकीयोजनाओंकोसाझाकरतेहुएकहाकिउनकाविजन 200+ भारतीयभाषाओंमेंसंवादकरनेवाले AI-संचालितवर्चुअलडर्मेटोलॉजीअवतारकेजरिएछोटेशहरोंकेलिए 20,000 AI-सक्षमक्लीनिकस्थापितकरनेकाहै, जिससेग्रामीणऔरअर्ध-शहरीक्षेत्रोंतकविशेषज्ञसलाहपहुंचसके।अपनीइसयोजनाकेउद्देश्यकेबारेमेंउन्होंनेकहाकिजहांडॉक्टरनहों, वहांभीपेशेवरसलाहपहुंचानाहमाराउद्देश्यहै।
गोरापननहीं, बल्कि ‘स्वस्थत्वचा’ कोलक्ष्यमाननेकासंदेशदेतेहुएउन्होंनेअपनेसंबोधनकासमापनप्रेरकपंक्तियोंकेसाथकिया,
“पहलेतयकीजिएकिजानाकहांहै, फिरयहकिकैसेऔरकबजानाहै।बड़ेसपनेदेखिए, क्योंकिडरतेहीआपजीनाछोड़देतेहैं।”