पहाड़ोंकीगुफाओंमेंकीगईदीर्घकालीनमौनसाधनाऔरसमाजसेवाकादृढ़संकल्प — यहीशिवशक्तिअनुग्रहपीठकीपहचानहै।प्रशांतमहाराजजीआजभीअपनाअधिकांशसमयसाधनामेंव्यतीतकरतेहैं, किंतुउनकीसाधनाकाप्रभावप्रत्यक्षरूपसेपीठद्वारासंचालितनिःशुल्कसेवाओंमेंस्पष्टदिखाईदेताहै।
प्रशांतमहाराजजीकास्पष्टसंदेशहै —
“सेवाहीशिवत्वहै।”
उनकामाननाहैकिसंतकाकर्तव्यलेनानहीं, बल्किदेनाहोताहै।इसीविचारधाराकेसाथशिवशक्तिअनुग्रहपीठसमाजकेजरूरतमंदवर्गकेलिएअनेकनिःशुल्कसेवाएँसंचालितकररहाहै।
प्रशांतमहाराजजीकईबारलगातार 41 दिनोंतकमौनव्रतकेसाथकठोरसाधनाकरचुकेहैं।उन्होंनेपहाड़ों, जंगलोंऔरएकांतस्थलोंमेंवर्षोंतकध्यानसाधनाकीहै।कुछवर्षपूर्वउन्होंनेअन्नकात्यागभीकिया।उनकाजीवनत्याग, अनुशासनऔरआत्मसंयमकाजीवंतउदाहरणमानाजाताहै।
पीठकीगतिविधियाँकेवलपूजा-पाठतकसीमितनहींहैं, बल्किस्वास्थ्य, शिक्षा, वृद्धसेवाऔरसामाजिककल्याणकेक्षेत्रमेंव्यापकरूपसेकार्यकररहीहैं।
नियमितरूपसेनिःशुल्कमेडिकलकैंपआयोजितकिएजातेहैं।
अन्नपूर्णारसोईकेमाध्यमसेनिर्धनएवंअसहायलोगोंकोप्रतिदिनभोजनउपलब्धकरायाजाताहै।
गौसेवाहेतुगोशालासंचालितकीजारहीहै।
असहायव्यक्तियोंकेलिएआवासकीव्यवस्थाभीकीगईहै।
बालकोंकेलिएवात्सल्यबालधाम, बुजुर्गोंकेलिए “पूज्यज्येष्ठजनधाम “, तथासंस्कृतएवंसनातनसंस्कृतिकेसंरक्षणहेतुविद्यापीठसंचालितकियाजारहाहै।
इसकेअतिरिक्तसामूहिकविवाह, महिलाओंकोस्वरोजगारहेतुसहायता, साइकिलवितरणतथाग्रामीणविकाससेजुड़ेअनेककार्यक्रमनियमितरूपसेआयोजितकिएजारहेहैं।
पीठनेआधुनिकतकनीककोभीअपनायाहै।स्वास्थ्यसेवाओंएवंसेवाकार्योंकोसुव्यवस्थितकरनेहेतुडिजिटलप्रणालीविकसितकीगईहै।आनेवालेसमयमें 108 सेअधिकगाँवोंमेंसेवाकेंद्रस्थापितकरनेकालक्ष्यनिर्धारितकियागयाहै, जिससेग्रामीणक्षेत्रोंमेंशिक्षा, स्वास्थ्यऔररोजगारकीसुविधाएँसुलभहोसकें।
पीठकीएकविशेषनीतियहहैकिसहायतालेनेवालेप्रत्येकव्यक्तिकासम्मानसर्वोपरिहै।कागजीप्रक्रियाकोसरलरखाजाताहै, ताकिकिसीकोअपमानयासंकोचकाअनुभवनहो।पीठकाविश्वासहैकिसेवातभीपूर्णहोतीहैजबउसमेंसम्मानजुड़ाहो।
प्रशांतमहाराजजीकेविचारउनकेकार्योंमेंस्पष्टदिखाईदेतेहैं।वेकहतेहैं —
“सच्चीसेवामेंहीईश्वरकीकृपास्वतःप्राप्तहोतीहै।”
साथहीउनकादिव्यसंदेशहै —
“सेवासेकरुणाजन्मलेतीहैऔरसाधनासेआत्माप्रकाशितहोतीहै।यहीशिवशक्तिअनुग्रहपीठकादिव्यसंदेशहै।”
शिवशक्तिअनुग्रहपीठकासंकल्पहै —
“इनकुरीतियोंकोज्ञानकेप्रकाशसेमिटानाऔरवैदिकसनातनकीपुनःस्थापनाकरना।
जहाँधर्मभयनहीं, बल्किप्रेमऔरज्ञानबने।”
छोटेस्तरसेप्रारंभहुआयहसेवाकार्यआजहजारोंलोगोंकेजीवनमेंसकारात्मकपरिवर्तनलारहाहै।किसीकोभोजनमिला, किसीकोउपचार, किसीबच्चेकोशिक्षाकाअवसरमिला, तोकिसीगाँवकोनईदिशाप्राप्तहुई।
आनेवालेसमयमेंशिवशक्तिअनुग्रहपीठकाउद्देश्यऔरअधिकलोगोंतकपहुँचबनाकरसमाजमेंस्थायीऔरसकारात्मकपरिवर्तनलानाहै।
शिवशक्तिअनुग्रहपीठयहसिद्धकररहाहैकि —
सच्चीभक्तिवहीहैजोकिसीकेजीवनमेंप्रकाशबनकरप्रवेशकरे।