This Article is From April 8, 2022 | 4 years ago
एमपीयूएटी प्रबन्ध मण्डल की 57वीं बैठक सम्पन्न
उदयपुर : महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर की प्रबन्ध मण्डल की 57वीं बैठक गुरुवार, 7 अप्रेल, 2022 को विश्वविद्यालय के कुलपति सचिवालय में प्रातः 11.00 बजे आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एमपीयूएटी के माननीय कुलपति डॉ. नरेन्द्र सिंह राठौड़ ने की। बैठक में प्
श
शिक्षा
NEWS CARD


“एमपीयूएटी प्रबन्ध मण्डल की 57वीं बैठक सम्पन्न”
Read more onmarudharabharti.com
8 Apr 2022

उदयपुर : महाराणा प्रताप कृषि एवं
प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर की प्रबन्ध मण्डल की 57वीं बैठक
गुरुवार, 7 अप्रेल, 2022 को विश्वविद्यालय के कुलपति सचिवालय में प्रातः
11.00 बजे आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एमपीयूएटी के माननीय कुलपति डॉ.
नरेन्द्र सिंह राठौड़ ने की।
बैठक
में प्रबंध मण्डल के सदस्य महिला सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में श्रीमती
सज्जन देवी कटारा, सेवानिवृत्त अधिष्ठाता व शिक्षाविद् डा. एस. आर. मालू,
शिक्षाविद् डा. आर. सी. तिवारी, प्रगतिशील कृषक श्री विष्णु पारीक, कृषि
उद्यमी श्री जगदीश भण्डारी, प्रमुख सचिव वित्त के प्रतिनिधि एडीएम सिटी
श्री अशोक कुमार, अनुसंधान निदेशक डॉ. एस. के. शर्मा, अधिष्ठाता सीटीएई डॉ.
पी. के. सिंह, श्री मुकेश कुमार कलाल, कुलसचिव एवं श्रीमती मंजूबाला जैन,
वित्त नियंत्रक व्यक्तिशः उपस्थित रहे तथा डॉ. एस. एन. झा, उप-महानिदेशक
(कृषि अभियांत्रिकी), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली, प्रमुख सचिव
(कृषि) एवं संयुक्त सचिव, उच्च शिक्षा ने बैठक में ऑनलाईन भाग लिया।
बैठक
के प्रारंभ में कुलसचिव ने सभी उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया। बैठक में
निम्न प्रस्तावों पर चर्चा हुई एवं निर्णय लिए गए। विश्वविद्यालय की 15
दिसम्बर, 2021 को आयोजित 56वीं प्रबंध मण्डल की बैठक की कार्यवाही का
अनुमोदन किया गया। विश्वविद्यालय
में नवाचारों एवं नवीन वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय
के वैज्ञानिकों को नवाचार युक्त प्रौद्योगिकी के विकास पर सम्मानित करने की
योजना का अनुमोदन किया गया।
विश्वविद्यालय की वर्ष 2021 की वार्षिक रिपोर्ट का अनुमोदन किया गया। पेंशन
हेतु विश्वविद्यालय की वह जमीन जो नगर विकास प्रन्यास को दे रखी है वह
भूमि राजस्थान सरकार को अपने पास रखने की सहमति प्रदान की। साथ ही पत्र के
माध्यम से राज्य सरकार से मांगी गई रूपये 50.00 करोड़ की राशि विश्वविद्यालय
को प्रदान की गई थी, जिससे विश्वविद्यालय के पेंशनर्स को 1 वर्ष की पेंशन
का भुगतान भी कर दिया गया था।
प्रबंध मण्डल के
सदस्यों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि जिन अभ्यार्थियों के केस लंबित
है उन्हें छोड़कर शेष रहे विभागों के पात्र अभ्यार्थियों को कैरियर
एडवांसमेंट स्कीम प्रक्रिया के अंतर्गत शीघ्र ही पदोन्नति प्रदान करने हेतु
आवश्यक कार्यवाही की जाए तथा सदन ने माननीय कुलपति को योग्य अभ्यार्थियों
के पदोन्नति आदेश साक्षात्कार के दिन ही जारी करने के लिए अधिकृत किया।
प्रबंध
मण्डल के सदस्यों द्वारा विश्वविद्यालय के रिक्त शैक्षणिक व अशैक्षणिक
पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की, जिस पर
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र ही कार्यवाही का आश्वासन दिया। बैठक का
संचालन कुलसचिव श्री मुकेश कुमार कलाल ने किया एवं डॉ. एस. के. शर्मा,
अनुसंधान निदेशक ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
historyThis is an archived post. The information provided may be outdated.











