जासूसी के क्षेत्र में भविष्य बनाने की राह दिखाती पुस्तक ‘हाउ टू बिकम अ डिटेक्टिव’ प्रकाशित
जासूस और इन्वेस्टिगेटर बनने के इच्छुक युवाओं को व्यावहारिक जानकारी और सही दिशा देने का प्रयास
नई दिल्ली,14 सितंबर : जासूसी और इन्वेस्टिगेशन के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए Detective Guru राहुल राय गुप्ता की पुस्तक ‘हाउ टू बिकम अ डिटेक्टिव’ प्रकाशित हो चुकी है। यह पुस्तक उन युवाओं को ध्यान में रखकर लिखी गई है, जो निजी जासूस अथवा इन्वेस्टिगेटर के रूप में कार्य करना चाहते हैं, लेकिन इस क्षेत्र में प्रवेश करने, आवश्यक कौशल विकसित करने और इसकी कार्यप्रणाली को समझने के लिए उचित मार्गदर्शन की तलाश में हैं।
आमतौर पर जासूसी की दुनिया को फिल्मों, धारावाहिकों और रहस्य कथाओं के माध्यम से देखा और समझा जाता है। इसके कारण बहुत से युवाओं के मन में इस व्यवसाय को लेकर उत्सुकता तो होती है, लेकिन वास्तविक जीवन में एक जासूस का कार्य क्या होता है, इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए किन गुणों की आवश्यकता होती है और जांच-पड़ताल के दौरान किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है, इन विषयों की व्यावहारिक जानकारी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती। ‘हाउ टू बिकम अ डिटेक्टिव’ इसी कमी को दूर करने का प्रयास करती है।
पुस्तक जासूसी को केवल रहस्य सुलझाने की कला के रूप में नहीं, बल्कि एक गंभीर और उत्तरदायित्वपूर्ण व्यवसाय के रूप में प्रस्तुत करती है। एक कुशल इन्वेस्टिगेटर के लिए सूक्ष्म निरीक्षण, तार्किक सोच, धैर्य, सतर्कता, गोपनीयता, प्रमाणों को समझने और परिस्थितियों का सही आकलन करने जैसे गुण महत्त्वपूर्ण होते हैं। पुस्तक में ऐसे अनेक पहलुओं को सरल और क्रमबद्ध ढंग से समझाने का प्रयास किया गया है।
विशेष रूप से ऐसे युवा, जो जासूसी और इन्वेस्टिगेशन को अपने व्यवसाय के रूप में अपनाने पर विचार कर रहे हैं, इस पुस्तक के माध्यम से इस क्षेत्र की प्रकृति और उससे जुड़ी अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। यह उन्हें अपनी रुचि और क्षमताओं को परखने तथा इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रारंभिक जानकारी उपलब्ध कराती है।
आज के समय में युवा परंपरागत व्यवसायों के साथ-साथ नए और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाश रहे हैं। ऐसे में निजी जांच और इन्वेस्टिगेशन का क्षेत्र भी उनकी रुचि का विषय बन रहा है। यह पुस्तक उन युवाओं को केवल आकर्षक कल्पनाओं से आगे बढ़कर इस क्षेत्र के व्यावहारिक पक्ष को समझने के लिए प्रेरित करती है।
पुस्तक मूल रूप से हिंदी में लिखी गई है और इसका अंग्रेजी संस्करण भी प्रकाशित किया गया है। इस प्रकार पुस्तक को हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं के पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
‘How to Become a Detective’ का मुद्रित संस्करण और ई-पुस्तक संस्करण पाठकों के लिए उपलब्ध हैं।