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संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में मिश्रा पहले भारतीय एवं एशियाई व्यक्ति

 

 

 

उदयपुर, 26 जनवरी। हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अरूण मिश्रा को अंतरराष्ट्रीय जिंक एसोसिएशन का कार्यकारी अध्यक्ष चुना किया गया है। मिश्रा अंतरराष्ट्रीय जिंक एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार संभालने वाले पहले भारतीय एवं एशियाई व्यक्ति हैं। हिन्दुस्तान जिंक देश की सबसे बड़ी एवं विश्व की दूसरी सबसे बड़ी जस्ता-सीसा उत्पादक कंपनी होने के साथ पांच दशक से माइनिंग एवं स्मेल्टिंग में नेतृत्व करने वाली कंपनी है। कंपनी पूरी तरह से एकीकृत है जो अपने शेयरधारकों को समग्र मूल्य प्रदान करने पर बल देती है। लगातार बदलते कारोबारी माहौल में निरंतर विकास के अपने रणनीतिक दृष्टिकोण के चलते कंपनी के पास एडवांटेज है जो इसके विकास और विस्तार को संचालित करता है।

कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति पर अरूण मिश्रा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जिंक एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका निभाना और मेरे आने से पहले से चल रही उत्कृष्टता की परंपरा को बरकरार रखना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। एसोसिएशन के पास पेशेवरों की एक अद्भुत टीम है। मैं जस्ता की वैश्विक मांग को बढ़ाने, मानव स्वास्थ्य, फसल पोषण, सतत विकास और आधुनिक जीवन के लिए इसकी अनिवार्यता को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने को तत्पर हूं।

अंतरराष्ट्रीय जिंक एसोसिएशन एक गैर लाभकारी संगठन है जो वैश्विक स्तर पर जस्ता उद्योग का प्रतिनिधित्व करता है। इसका मिशन अद्वितीय विशेषताओं के अनुसंधान, विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और संचार के माध्यम से जस्ता उत्पादों और बाजारों को आगे बढ़ाना है जो जिंक को जीवन के लिए टिकाउ और आवश्यक हिस्सा बनाते हैं। एसोएिशन के सदस्य वैश्विक जस्ता उत्पाद का 60 प्रतिशत और पश्चिमी गोलार्द्ध में 80 प्रतिशत उत्पादन करते हैं। एसोसिएशन के कार्यालय चीन, यूरोप, लैटिन अमेरिका, उत्तर अमेरिका, भारत और दक्षिण अफ्रीका में हैं जिसका मुख्यालय डरहम, उत्तरी कैरोलिना (यूएसए) में है।

इस अवसर पर इंटरनेशनल जिंक एसोसिएशन में भारत के निदेशक, डॉ. राहुल शर्मा, ने अरूण मिश्रा की नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि ‘ उद्योग जगत में अग्रणी एवं गहरी समझ होने से हमें श्री मिश्रा के अनुभवों का लाभ मिलेगा। विशेष रूप से विश्व स्तर पर जिंक की खपत बढ़ाने और भारत को कमोडिटिस, विशेष रूप से जिंक के लिए एक आत्मनिर्भर बाजार बनाने की दिशा में आईजेडए के प्रयासों को गति मिलेगी। वें अन्य सदस्यों के साथ उद्योग की समस्याओं को दूर करने की दिशा में प्रयास करेंगे  एवं फसल पोषण, बुनियादी ढांच और मानव स्वास्थ्य में जिंक के महत्व पर बल देगें।‘

वेदांता समूह की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक भारत में 78 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी को नियंत्रित करती है। कंपनी खुद को व्यावसायिक उत्कृष्टता के साथ साथ सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारी और शेयर धारकों के लिए मूल्य निर्माण के लिए प्रतिबद्ध कंपनी के रूप में काम करती है। कंपनी का मुख्यालय राजस्थान में खनिज समृद्ध क्षेत्र उदयपुर जिले में है। कंपनी सर्कुलर इकोनोमी मॉडल के लिए प्रतिबद्ध है जिसका उद्देश्य कम कार्बन और कम उत्सर्जन प्रौद्योगिकियों को लागू करना, अक्षय क्षमता उर्जा बढ़ाना और जीएचजी उत्सर्जन को कम करना है। यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और समुदाय को लाभ पहुंचाने के लिए अपने स्थानीय सोर्सिंग नेटवर्क का विस्तार और मजबूत करने की इच्छा रखती है।

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