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मरूभूमि की प्रसिद्ध लोक कथा पर आधारित नाटक की ब्रज भाषा में प्रस्तुति


 

जयपुर।  सच बोलने की कसम लेने वाले चोर को सपने में भी गुमान नहीं था कि एक दिन किस्मत उसे देश का राजा बनाने के रास्ते पर ले जाएगी, लेकिन सत्य के लिए अडिग रहने की उसकी सौगंध उसकी जान की ही दुश्मन बन गई। कुछ ऐसा ही नजारा राजस्थान ब्रज भाषा अकादमी की ओर से आयोजित नाटय प्रस्तुति 'अजब चार की गजल कहानी' में देखने को मिला। रविंद्र मंच पर वरिष्ठ रंगकर्मी अशोक राही के निर्देशन में खेले गए ब्रज भाषा के नाटक में एक चोर ने सत्य बोल कर अपना रंग जमा दिया।

अकादमी के सचिव मोअज्जम अली ने बताया कि कार्यक्रम में पूर्व आईएएस एसएस बिस्सा, कला संस्कृति विभाग के संयुक्त सचिव पंकज ओझा, आमेर विकास प्राधिकरण के निदेशक राजनारायण शर्मा, पुरातत्व विभाग के उप निदेशक कृष्णकांता शर्मा, वरिष्ठ अभिनेत्री कविता माथुर सहित अनेक साहित्यकार, शायर, लेखक और रंगकर्मी मौजूद थे।


अभिनेताओं ने जमाया रंग :- 

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत प्रस्तुत यह नाटक मरूभूमि की एक प्रसिद्ध लोक कथा पर आधारित था। इस नाटक में नितिन सैनी ने चोर, संजय महावर ने सिपाही और प्रतिभा पारीक ने रानी के रूप में अभिनय किया। नाटक में अंजलि सक्सेना, भूपेंद्र नागर, रजत शर्मा, जय सोनी, दीक्षांत शर्मा, यशवंत सिंह, खालिद खान, रोनी सिंह, मनोज, राघव और कुणाल ने भी अच्छा अभिनय किया। इस नाट्य संध्या का संचालन मशहूर लेखिका रत्ना शर्मा ने किया।
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